Thursday, July 12, 2018

Khelo india essay in English


                Khelo India school games


   Introduction:
         
Khelo India school games (KISG) are the national level multidisciplinary grassroot games in India for under 17 years school kids to participate across 16 disciplines, which was launched by Prime Minister Narendra Modi on 31st January 2018 at Indira Gandhi Arena, New Delhi. The objective of KISG is to identify the Talent at grassroot level and revive the sports Culture by building a strong Framework for all sports played in our country.
 
   Nodal ministry:
The KISG works under the ministry of youth affairs and sports.

   
   Body part with advantages:
 
To accomplish the above objective KISG has been divided into 12 verticles such as physical fitness of school children, formation of state level khelo India centres, encouraging the development of women sport, annual sports organisation, topnotch infrastructure and promotion of rural and tribal games. Every year best thousand kids will be given an annual scholarship of rupees 5 lakh for 8 years.

   Challenges:


Some challenges comes in the way of KISG  i.e less popularity of a sports like Judo, Kho-Kho,  swimming etc, less number of broadcaster and problem of sponsorship.

     
    Suggestions:


According to new research only 3 games are viewed more in India that is cricket 85%
tennis 44% and football 41% but we should try to promote each and every game and encourage every sports related activity show that a sports person can perform efficiently.



     Conclusion:

Sports inculcate Team Spirit, develop strategic and analytical thinking, leadership skills, goal settings and risk taking therefore KISG helps in overall development of our nation and in this way it will transform India into a global Sporting powerhouse in the upcoming years and prove to be a game changer that Indian Sports has been looking for.

Thanku for visiting my blog.

Informal letter writing in Hindi

                                       अनौपचारिक पत्र (informal Letter)



आपका नाम सुमित है और आप पटना महेंद्रू के निवासी हैं, अपने मित्र रमेश को SSC CGL की परीक्षा में अंतिम रूप से चयन होने पर एक बधाई पत्र लिखिए।




सुमित
महेंद्रू ,पटना
बिहार

22 जून, 2018

प्रिय मित्र रमेश,
प्रेम!
कल तुम्हारा पत्र मिला उसे पढ़कर मैं काफी प्रसन्न हुआ कि तुम्हारा ssc cgl  में अंतिम रूप से चयन हो गया। मुझे तुमसे यही आशा थी। तुम्हारी पढ़ाई के प्रति निष्ठा और लगन को देखकर मुझे पूर्ण विश्वास हो गया था कि कि जल्द हीं तुम इसमें सफलता पाओगे ।आखिरकार तुम्हारे परिश्रम का उचित फल तुम्हें मिल ही गया। इस सफलता से तुम्हारे घरवाले बहुत ही खुश होंगे। और अपनी इच्छा के अनुसार जॉब पाकर तुम भी बहुत प्रसन्न होंगे।
                                इस शानदार सफलता पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि जीवन में इसी तरह से सफलता तुम्हारे कदम चूमती रहे। और इसी प्रकार उन्नति के पथ पर अग्रसर रहो। माता-पिता को मेरी ओर से प्रणाम और छोटे भाई को मेरा प्यार कहना।

तुम्हारा मित्र
सुमित

Formal Letter Writing in Hindi


  • औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र
    हिंदी में पत्र लेखन यह ध्यान रखें :
    हिंदी में पत्र लेखन अंग्रेजी भाषा की तरह ही होता है, पत्र लिखते समय आप को यह ध्यान रखना है की जो पत्र आप लिख रहे हैं पढ़ने वाले को कितना समझ में आएगा ! क्योंकि जब कोई पत्र पढ़ता है तो आप वहां पर नहीं होते हैं, तो आपका पत्र लेखन ऐसा हो कि आप उसके सामने नहीं होते हुए भी उसको अनुभव दिलाते हैं कि मैं आपके पास हूं और आपसे वार्तालाप कर रहा हूं !

    सरल भाषा का उपयोग हमेशा अच्छा माना जाता है ! लेकिन जटिल शब्दों का प्रयोग व उलझे हुए वाक्य पाठक को निरर्थक एवं उबाऊ बना देते हैं ! निश्चयात्मकता, आपके पत्र में होनी चाहिए यदि पाठक को पत्र पढ़ने के बाद कोई शंका या दुविधा बनी रहती है तो पत्र लिखने का सारा उद्देश्य ही खत्म हो जाता है ! संक्षिप्तता से अपनी पूरी बात लिखना ही अच्छा पत्र लेखन माना जाता है ! पत्र लेखन को दो वर्गो में विभाजित किया जाता है

       1. औपचारिक पत्र
       2. अनौपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र
औपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका कोई निजी परिचय नहीं है यदि आपका व्यक्तिगत लगाव या परिचय भी हो तो लेखन में वह व्यक्त नहीं होना चाहिए ! औपचारिक पत्र लेखन में मुख्यतः संदेश, सूचना एवं तथ्यों का ही अधिक महत्व दिया जाता है ! इस प्रकार के पत्र संस्था के अधिकारी एवं कार्यालय के अधिकारी को लिखा जाता है !

अनौपचारिक पत्र
अनौपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका निजी परिचय है और उनसे व्यक्तिगत संबंध भी हैं ! इस तरह के पत्र लेखन में व्यक्तिगत सुख-दुख का ब्योरा एवं विवरण के साथ व्यक्तिगत संबंध को उल्लेख किया जाता है ! अपने परिवार के लोग मित्र एवं निकट संबंधियों को इस तरह के पत्र लिखे जाते हैं !




                                      औपचारिक पत्र

नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे अपने मोहल्ले की सफाई करने का अनुरोध कीजिए।



परीक्षा भवन,
पटना

15 जुलाई 2018

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
पटना नगर निगम (पटना)

विषय: मोहल्ले की सफाई करवाने हेतु।

महोदय,
बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि पिछले कुछ दिनों से हमारे मोहल्ले ABC में चारों और कूड़े का घर बना हुआ है ।जहां-तहां सड़कों,गलियों में फेंके गए कूड़े-कचरे के ढेर से पानी नाली में बहने की जगह गली में बिखर जाती है चारों ओर फैली गंदगी के कारण पूरे मोहल्ले में मक्खियों और मच्छरों का साम्राज्य फैला है जिससे तरह तरह की बीमारियों के फैलने का डर बना रहता है। इस विषय पर मैंने उचित अधिकारी को कई बार सूचित किया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
                                अतः आपसे नम्र निवेदन है कि हमारे मोहल्ले में जल्द से जल्द सफाई करवाई जाए जिससे मोहल्ले के लोगों को भयंकर दुर्गंध से राहत मिले इसके लिए हम मोहल्लेवासी आपका हर प्रकार से सहयोग करेंगे।

धन्यवाद सहित,
भवदीय,
XYZ

Kausal vikash Yojna Essay in Hindi


                                                 कौशल विकास योजना

परिचय
भारत के प्रधानमंत्री, श्री नरेंन्द्र मोदी ने 15 जुलाई 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस पर , नई दिल्ली में “राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन” के रुप में शुरुआत किया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्दों में, “कौशल विकास योजना, केवल जेब में रुपये भरना ऐसा नहीं है, बल्कि गरीबों के जीवन को आत्मविश्वास से भरना है।”इसके अंतर्गत लगभग 40 करोड़ भारतीयों को 2022 तक प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।



उद्श्य
1.गरीबी के कारण जो बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित करना और साथ ही साथ उनके कौशल को सही दिशा में प्रशिक्षित करके गरीबी का उन्मूलन करना है।2.भारत की लगभग 65% जनसंख्या (जिनकी आयु 35 वर्ष से कम है) को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये कौशल एंव अवसर प्रदान करना।3.कौशल विकास के साथ उद्यमिता और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना।4.सभी तकनीकी संस्थाओं को विश्व में बदलती तकनीकी के अनुसार गतिशील बनाना।


चुनौतियां
आज जिन हुनर और कौशल के प्रति हम आशान्वित हैं, जरूरी नहीं कि भविष्य में उनकी जरूरत बनी रहे। रोबोटिक्स, इंटरनेट, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, ई-कॉमर्स, आदि क्षेत्रों में जो क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं, वे करोड़ों मौजूदा नौकरियों को निगल जाएंगे।इसके अलावा, औद्योगिक जगत की कार्य-दशा पर भी ध्यान देने की जरूरत है।



सुझाव और निष्कर्ष
सरकार को जिला स्तर पर शिक्षितों  और अशिक्षितो के लिए प्रशिक्षण केंद्र तथा कार्यशाला खोलने का प्रयास करना चाहिए |छात्रों को गुणवता वाली शिक्षा दी जानी  चाहिए ताकि वे अपने विवेक का इस्तेमाल अपने हुनर को निखारने में कर सके |अतः कौशल भारत एक महत्वकांक्षी योजना है जिस पर अमल करने से हमारे युवायों को रोजगार मिलेगा और हमारे देश की तरक्की होगी |

Thanku

आरक्षण अच्छा है या बुरा



                                               आरक्षण: अच्छा या बुरा
आरक्षण उस प्रक्रिया का नाम है जिसे भारत की सरकार द्वारा सरकारी संस्थाओं में कुछ पिछड़ी जातियों की सीटें रोक ली जाती है अर्थात उस स्थान पर केवल एक विशेष जाति का व्यक्ति ही काम कर सकता है।


इतिहास
सन् 1902 में कोल्हापुर रियासत के राजा छत्रपति शाहूजी महाराज ने सबसे पहले 50 प्रतिशत आरक्षण दलितों और पिछड़ों को दिया।1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रस्ताव पास किया, जो पूना समझौता कहलाता है, जिसमें दलित वर्ग के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किए गए।1942 में बी आर अम्बेडकर ने अनुसूचित जातियों की उन्नति के समर्थन के लिए अखिल भारतीय दलित वर्ग महासंघ की स्थापना की। उन्होंने सरकारी सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण की मांग की।



फायदे एवं नुकसान
भारतीय समाज में पिछड़े एवं कमजोर वर्ग की उन्नति के लिए आरक्षण दिया गया जिससे उच्च वर्गों द्वारा जो शोषण की किया जाता था वह कम हो सका। सार्वजनिक सेवाओं एवं शिक्षण संस्थाओं में भी आरक्षण के कारण उन्हें ऊपर उठने का मौका मिला। लेकिन आरक्षण का फायदा वैसे लोगों को भी मिल रहा है जो आर्थिक रुप से बहुत ही मजबूत है। आरक्षण के कारण कुछ अयोग्य लोग भी ऊंचे पदों पर चले जाते हैं जिससे देश और समाज को काफी नुकसान होता है।



सुझाव
आरक्षण वास्तव में समाज के उन्हीं लोगों के लिए हितकर हो सकता है जो अपंग है किंतु शिक्षा और गुण होते हुए भी अन्य लोगों से जीवन में पीछे रह जाते हैं उन गरीब लोगों के लिए भी आरक्षण आवश्यक है जो गुणी होते हुए भी गरीबी में जीवन बिता रहे हैं न कि जाति  और धर्म के आधार पर आरक्षण हो।



निष्कर्ष
देश की उन्नति के लिए आवश्यक है की आरक्षण को हटाकर हम सब को एक समान रूप से शिक्षा दें और अपनी उन्नति का अवसर पाने का मौका दें।

Thanku

Saubhagya Yojana Essay in Hindi



                     सौभाग्य योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 25 सितंबर 2017 को , प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना “सौभाग्य योजना” की शुरुआत की ।इस योजना का मुख्य उद्देश्य 2018 के अंत तक देश में सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण हासिल करना है जिसके लिए 16,320 करोड रुपए का राशि आवंटित की गई है।



विशेषता
वैसे लोगों को फ्री में कनेक्शन दिया जाएगा जो 2011 के जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा के अंतर्गत आते हैं। जिन लोगों का नाम इस जनगणना में सामिल नहीं है उन लोगों को भी₹500 का भुगतान कर बिजली का कनेक्शन ले सकेंगे । जहां लाइट की सुविधा नहीं है वहां सोलर पैनल के साथ 5 LED बल्ब , और एक डीसी पंखा दिया जाएगा और अगले 5 सालों तक मरम्मत का सारा खर्चा सरकार उठाएगी। यह योजना के तहत बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड उड़ीसा जम्मू कश्मीर राजस्थान एवं पूर्वोत्तर राज्य शामिल है।


फायदें
देश के सभी घरों में बिजली पहुंचने से शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ना केवल लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि महिलाओं के दैनिक कार्यों में भी सुधार होगा।

चुनौतियां
सौभाग्य योजना की राह में सबसे बड़ी अड़चन उत्तर प्रदेश और बिहार हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 71% और बिहार के 85% घरों में अभी भी बिजली नहीं पहुंच पायी है। वर्तमान में  डिस्कॉम पर एक हजार करोड़ रुपये का भारी कर्ज का बोझ है, इसके लिए 2018 के अंत तक सौभाग्य को लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी।



सुझाव और निष्कर्ष
इसके सफल कार्यान्वयन के लिए ऊर्जा क्षेत्र में निचले अधिकारियों की भ्रष्टाचार और उदासीनता को कम किया जाना चाहिए।इसका सफल कार्यान्वयन स्मार्ट गांवों के निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा को प्राप्त करने और दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है।

Thanku

Make in India Essay in Hindi



           ‘मेक इन इंडिया


‘मेक इन इंडिया भारत सरकार द्वारा देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में ही वस्तुओं के निर्माण पर बल देने के लिए बनाया गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितम्बर 2014 को किया था।

यह वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आता है।


मेक इन इंडिया के मुख्य उद्देश्य:
  1. मध्यावधी की तुलना मैं विनिर्माण क्षेत्र में 12% से 14% प्रतिवर्ष वृद्धि करने का लक्ष्य।
  2. देश के सकल घरेलू उत्पाद मे विनिर्माण की हिस्सेदारी 2022 तक बढ़ाकर 16% से 25% करना
  3. विनिर्माण के क्षेत्र में 2022 तक 100 मिलियन अतिरिक्त रोजगार सृजन करना।
  4. ग्रामीण प्रवासियों एवं शहरी गरीब लोगों में समग्र विकास के लिए समुचित कौशल का निर्माण करना।
  5. घरेलू मूल्य संवर्धन और विनिर्माण में तकनीकी ज्ञान में वृद्धि करना ।



फायदे
ज्यादा से ज्यादा भारत में समान बनेंगे, उच्च गुणवत्ता वाले सामान सस्ते दामों में मिलेंग, देश में रोजगार बढ़ेगा जिससे गरीबी कम होगी। दूसरे देश के निवेशक हमारे यहां पैसा लगाएंगे जिससे अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी।



चुनौतियां
मेक इन इंडिया के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा भारत में रेल-सड़क यातायात और अपर्याप्त बंदरगाह है। निवेश के रास्ते में एक बड़ी समस्या राज्यों और केंद्र की नीतियों की जटिलता है। पुराने और नए निवेशकों का विश्वास कमाना मोदी सरकार के लिए आसान नहीं होगा।


सुझाव और निष्कर्ष
'मेक इन इंडिया' तभी सफल होगा जब हमारा श्रम बल बाकी दुनिया के मुकाबले प्रतिस्पर्धी होगा। सरकार को पारदर्शी और सरकारी नीतियों के साथ उद्योग को बेहतर वातावरण भी प्रदान करना होगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था की गति को बनाए रखने एवं युवा ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए मेक इन इंडिया इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Thanku

Jan dhan yojna in English

Jan Dhan Yojana Introduction Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana is an ambitious National mission for financial inclusion to ensure access...